जल्द ही हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेनें पटरियों पर चलेंगी

जल्द ही हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेनें पटरियों पर चलेंगी(Indian trains run on hydrogen fuel based technology), भारतीय रेलवे ने अपने नई तकनीक के चलते खुलासा किया है।

भारतीय रेलवे ने हाइड्रोजन ईंधन तकनीक से ट्रेनें चलाने की योजना बनाई है। इसके लिए निजी भागीदारों को जोड़ने के लिए बोलियां आमंत्रित की गई हैं। वैकल्पिक (optionally) ईंधन के लिए भारतीय रेलवे संगठन ने यह बोली आमंत्रित की है। इस समय दुनिया के कई देशों में इस तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। जर्मनी, फ्रांस आदि देशों में भी इस शानदार तकनीक पर ट्रेनें चल रही हैं और आगे भी काम जारी है।

बहुत जल्द ही, हाइड्रोजन(hydrogen) से भरी ट्रेनें पटरियों पर चलेंगी, इस तरह की टेक्नोलॉजी क करने के लिए भारतीय रेलवे को धन्यवाद। भारतीय रेलवे ने बयान जारी कर कहा कि उसने हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेनों पर काम शुरू कर दिया है। एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि भारतीय रेलवे ने उत्तर रेलवे के 89 किलोमीटर सोनीपत-जींद खंड में डीजल इलेक्ट्रिक मल्टीपल(multiple) यूनिट (डीईएमयू) पर रेट्रोफिटिंग(retrofiting) करके हाइड्रोजन ईंधन सेल आधारित प्रौद्योगिकी के लिए बोलियां आमंत्रित की हैं।

रेलवे ने द्वारा कहा गया है कि शुरुआती समय में, हाइड्रोजन ईंधन(hydrogen fuel) आधारित तकनीक(technic) को 89 किलोमीटर लंबे सोनीपत-जींद मार्ग पर पेश किया जाएगा ।

डीजल(diesel) से चलने वाले DEMU(Diesel Multiple Unit) की रेट्रोफिटिंग(retrofitting) और इसे हाइड्रोजन ईंधन से चलने वाले ट्रेन सेट में बदलने से न केवल डीजल से हाइड्रोजन में परिवर्तित होने से सालाना लगभग 2.3 करोड़ रुपये की बचत होगी, बल्कि 11.12 किलो टन के कार्बन फुटप्रिंट नाइट्रोजन डाइऑक्साइड (NO2) की भी बचत होगी। हर वर्ष लगभग 1.0 किलो टन के कण पदार्थ की बचत।

रेल मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने बताया कि राष्ट्रीय हाइड्रोजन ऊर्जा मिशन के हिस्से के रूप में, रेलवे ने देश में हाइड्रोजन मोबिलिटी(mobility) की अवधारणा को आगे बढ़ाने के लिए हाइड्रोजन ईंधन सेल आधारित बिजली आंदोलन के विकास में एक लंबा कदम उठाया है। उन्होंने यह भी कहा कि यह मौजूदा डीईएमयू(DEMU) रेक के रूपांतरण या रेट्रोफिटमेंट द्वारा किया जाएगा।

रेलवे अधिकारी के नए अपडेट के हिसाब से लोकोमोटिव(locomotive) के लोको पायलट को कोई दिक्कत नहीं होगी, क्योंकि ड्राइविंग कंसोल(console) में कोई परिवर्तन नहीं होगा।

उन्होंने यह भी बताया कि डीजल से चलने वाले डीईएमयू(DEMU) की रेट्रोफिटिंग और इसे हाइड्रोजन ईंधन से चलने वाले ट्रेन सेट में बदलने से न केवल डीजल से हाइड्रोजन में परिवर्तित होने से सालाना 2.3 करोड़ रुपये की बचत होगी।

रेलवे अधिकारी द्वारा कहा गया है कि पहली बार, 1400 हॉर्स पावर (HP) वाले दो मोटर कोच 10-कोच हाइड्रोजन से चलने वाली यात्री ट्रेन को लायेंगे। यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि जर्मनी और पोलैंड ने अब तक रेलवे में बिजली उत्पादन की इस पद्धति का उपयोग किया है।

हाइड्रोजन फ्यूल का महत्त्व और उसके फायदे

ब्रह्मांड में हाइड्रोजन सबसे सरल और ज्यादा मात्रा में पाया जाने वाला तत्व है। … एक ईंधन सेल में, हाइड्रोजन ऊर्जा को उच्च दक्षता और कम बिजली के नुकसान के साथ सीधे बिजली में परिवर्तित किया जाता है। इसलिए, हाइड्रोजन एक ऊर्जा वाहक है, जिसका उपयोग अन्य स्रोतों से उत्पादित ऊर्जा को स्थानांतरित करने, संग्रहीत करने और वितरित करने के लिए किया जाता है।

हाइड्रोजन फ्यूल सेल(HFC) क्या है?

एक हाइड्रोजन ईंधन सेल एक विद्युत रासायनिक ऊर्जा जनरेटर(generator) है जो पानी और गर्मी के साथ उप-उत्पादों के रूप में बिजली का उत्पादन करने के लिए हाइड्रोजन और ऑक्सीजन को जोड़ती है। साफ शब्दों में कहा जाए तो, हाइड्रोजन ईंधन सेल ऊर्जा बनाते हैं जिसका उपयोग अलग अलग वाहनों से लेकर ड्रोन तक किसी भी चीज को बिजली देने के लिए किया जा सकता है।

हाईड्रोजन फ्यूल के स्रोत (advantages of HFC)

शून्य-उत्सर्जन शक्ति(zero emissive power)

हाइड्रोजन ईंधन सेल HYDROGEN FUEL EFFICIENCY(HFC) कोई हानिकारक उत्सर्जन(emissions) नहीं करते हैं, जिससे बैटरी एसिड या डीजल ईंधन जैसे जहरीले पदार्थों को संभालने और भंडारण से जुड़ी लागत समाप्त हो जाती है।

दक्षता में सुधार(improving efficiency)

अमेरिकी USA ऊर्जा विभाग के अनुसार, हाइड्रोजन ईंधन सेल आमतौर पर 45-60% ऊर्जा कुशल होते हैं। यह रेंज एक कार के विशिष्ट आंतरिक दहन इंजन की तुलना करती है जो लगभग 25% ऊर्जा कुशल है। इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए माइलेज रेंज बढ़ाने के लिए ईंधन सेल फोर्कलिफ्ट(FORK LIFT)का उपयोग करके गोदाम उत्पादकता में 15% तक सुधार करने के लिए हाइड्रोजन ईंधन सेल दक्षता को काम में लाया जाता है। इसका बहुत उपयोग है।

अंत में

तो दोस्तों आपको ये आर्टिकल Indian trains run on hydrogen fuel based technology कैसा लगा मुझे comment करके जुरूर बताये, धन्यवाद्।

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